आज का विचार – 07/10/21

त्याग दी सब खहवाइशें निष्काम बनने के लिए |तीन पहरों तक तपा दिन शाम बनने के लिए |घर,नगर,ममता,प्रेम,अपनापन,दुलारराम ने त्यागा सब कुछ राम बनने के लिए |

Tribute to मेरे दादा जी

मैं जब 8th क्लास में था, तब हमें एक क्लास प्रोजेक्ट मिला था- Write 10 line about your Idol in lifeमेरे क्लास प्रोजेक्ट की सबसे ज्यादा तारीफ़ हुई थी। मैंने अपने प्रोजेक्ट में मेरे दादा जी पर लिखा था। मुझे विश्वास है की वो प्रोजेक्ट अच्छा मेरे द्वारा लिखी उन 10 lines के लिए नहीं … Continue reading Tribute to मेरे दादा जी

आज का विचार — 27/11/2020

नाराज़ नहीं हैं जिनसे आजकल बात नहीं होती।शायद उनके कामों में, उन्हें हमारीया हमारे कार्यशैली में, हमें उनकीमदद की जर्रूरत नहीं होगी।