आज का विचार – 07/10/21

त्याग दी सब खहवाइशें निष्काम बनने के लिए |तीन पहरों तक तपा दिन शाम बनने के लिए |घर,नगर,ममता,प्रेम,अपनापन,दुलारराम ने त्यागा सब कुछ राम बनने के लिए |

नाम बना लिया है

ब्लॉग लिखने का फायदा तोह होता है यार। इसके माध्यम से कई पुराने दोस्तों से अब बात भी होने लगी है। बचपन का एक दोस्त है मेरा रोहित, काफी सालों से बात नहीं हुई है हमारी इसलिए आजकल बस फेसबुक फ्रेंड ही हो रखें हैं। ऐसा कुछ मन-मुटाव नहीं है बस, जीवन के रास्ते अलग … Continue reading नाम बना लिया है

टीटीई साहब और तनाव

कल मुंबई से जोधपुर के लिए सूर्यनगरी एक्सप्रेस में बैठा था। कोरोना जैसी आपदा के बीच घर जाने का उत्साह भी था और थोड़ा डर भी। ट्रैन में भी माहौल थोड़ा गंभीर सा था। मेरे लिए सफर बिना किसी के साथ बातचीत हुए थोड़ा मुश्किल सा निकलता है। ट्रैन में फ़ोन का नेटवर्क भी भगवान् … Continue reading टीटीई साहब और तनाव