वो गाँव वाले तारें

वो गाँव वाले तारेंजिन्हें मैं घंटो निहारा करताजब खुले आसमान के नीचे गाँव में सोया करता | वो गाँव वाले तारेंमुझसे बयां करते कीदेख हम इतने सारे हैंहम सबका अस्तित्व हमारी खुद की चमक से हैंअगर हम टूटते भी है तोह किसी की चाहत पूरी करते हैंहम कुछ गुच्छों में रहते है और कुछ तोह … Continue reading वो गाँव वाले तारें