वो गाँव वाले तारें

वो गाँव वाले तारेंजिन्हें मैं घंटो निहारा करताजब खुले आसमान के नीचे गाँव में सोया करता | वो गाँव वाले तारेंमुझसे बयां करते कीदेख हम इतने सारे हैंहम सबका अस्तित्व हमारी खुद की चमक से हैंअगर हम टूटते भी है तोह किसी की चाहत पूरी करते हैंहम कुछ गुच्छों में रहते है और कुछ तोह … Continue reading वो गाँव वाले तारें

खामोशी

किसी की खामोशी दर्द छुपाती है |किसी की खामोशी ख़ुशी दबाती है |किसी की खामोशी नाराज़गी जताती है |किसी की खामोशी गुस्सा पी जाती है |किसी की खामोशी में लफ्ज़ नहीं होते,फिर भी खामोशी बहुत कुछ कह जाती है |

Dear Mystique,

I see you in the library,sitting across the two rows.With a classy pixie layered haircutand soft arch eyebrows. You enjoy watching tennisand seems to be a Djokovic follower.Thorough while working on your researchon the cool Macbook of Aqua color. You practice meditationin the mid of a distracting library.No wonder you have a calm faceadded with … Continue reading Dear Mystique,