लाचार सच

सच वही है जो हम कहें।सच वही है जो हम सुनें।सच वही है जो हम देखें।सच की लाचारी समझो जनाब, वो है निर्भरइंसान की जबान,कानों व आँखों पर।

आ से ऊ

कल अपनी लॉन में टहलते-टहलते एक सवाल मन में आया की मेरी पीढ़ी के लोग अपने रिश्तों को चाचा, मामा, फूफा, दादा,और नाना से सम्बोधित करते हैं। पर मेरे भतीजे की पीढ़ी वाले बच्चें अपने रिश्तों के लिए चाचू, मामू, फुफू, दादू और नानू का प्रयोग करते हैं। तोह ऐसा हमारी पीढ़ी से उनकी पीढ़ी … Continue reading आ से ऊ