प्रेम पत्र का जवाब

बात उस दौर की है जब अपन दसवीं क्लास में पहुँच चुके थे। बचपन से जिस दसवीं बोर्ड के खौफ्फ़ के बारें में सुन रखा था उसका सामना करने वाला साल था ये। मेरे जैसे बच्चों के लिए डरने वाले साल से ज्यादा उत्साह वाला साल था। ऐसा इसलिए क्यूंकि घरवालों ने आईआईटी की एग्जाम … Continue reading प्रेम पत्र का जवाब

अनजान का ज्ञान

बहुत दिन हो गए थे कोई कहानी कोई लिखे हुए। ख्याल बहुत से थे पर उन्हें रूप नहीं दे पा रहा था। सोचा की क्रिएटिव लेखकों की तरह थोड़ा जगह में बदलाव करेंगे तोह शायद कोई कृति को पन्ने पर उतारा जा सके। कुछ फिल्मों में देखा है की हीरो-हीरोइन एक कूल से कैफ़े में … Continue reading अनजान का ज्ञान

आज का विचार — 27/11/2020

नाराज़ नहीं हैं जिनसे आजकल बात नहीं होती।शायद उनके कामों में, उन्हें हमारीया हमारे कार्यशैली में, हमें उनकीमदद की जर्रूरत नहीं होगी।

नाम बना लिया है

ब्लॉग लिखने का फायदा तोह होता है यार। इसके माध्यम से कई पुराने दोस्तों से अब बात भी होने लगी है। बचपन का एक दोस्त है मेरा रोहित, काफी सालों से बात नहीं हुई है हमारी इसलिए आजकल बस फेसबुक फ्रेंड ही हो रखें हैं। ऐसा कुछ मन-मुटाव नहीं है बस, जीवन के रास्ते अलग … Continue reading नाम बना लिया है

अरेंज मैरिज और बेसिक सवाल

अभी ना अपन उस उम्र में आ गए जब "शादी कर लो" का नारा घर और समाज दोनों में लगने शुरू हो गए है। ये वो ही दौर होता है जब सबको लगता है की आपके सेटल होने से ही आपके जीवन का कल्याण हो सकेगा। कितना कल्याण होगा ये तोह कोई गारंटी नहीं करता … Continue reading अरेंज मैरिज और बेसिक सवाल

मेस का खाना

एक छोटा भाई है हमारा गुड्डू , कॉलेज जाने के लिए एकदम तैयार। पर कोरोना के चक्कर में मुश्किल ही है की उसे कॉलेज जाना पड़े। कल थोड़ा आत्मा चिंतन के मूड में था वो, पूछा उसने की, "भईया कॉलेज ना जाने से जीवन में क्या मिस होने वाला है?" प्लास्टिक कुर्सी पर बैठे, अखभार … Continue reading मेस का खाना