आज का विचार — 27/11/2020

नाराज़ नहीं हैं जिनसे आजकल बात नहीं होती।शायद उनके कामों में, उन्हें हमारीया हमारे कार्यशैली में, हमें उनकीमदद की जर्रूरत नहीं होगी।

नाम बना लिया है

ब्लॉग लिखने का फायदा तोह होता है यार। इसके माध्यम से कई पुराने दोस्तों से अब बात भी होने लगी है। बचपन का एक दोस्त है मेरा रोहित, काफी सालों से बात नहीं हुई है हमारी इसलिए आजकल बस फेसबुक फ्रेंड ही हो रखें हैं। ऐसा कुछ मन-मुटाव नहीं है बस, जीवन के रास्ते अलग … Continue reading नाम बना लिया है

अरेंज मैरिज और बेसिक सवाल

अभी ना अपन उस उम्र में आ गए जब "शादी कर लो" का नारा घर और समाज दोनों में लगने शुरू हो गए है। ये वो ही दौर होता है जब सबको लगता है की आपके सेटल होने से ही आपके जीवन का कल्याण हो सकेगा। कितना कल्याण होगा ये तोह कोई गारंटी नहीं करता … Continue reading अरेंज मैरिज और बेसिक सवाल

मेस का खाना

एक छोटा भाई है हमारा गुड्डू , कॉलेज जाने के लिए एकदम तैयार। पर कोरोना के चक्कर में मुश्किल ही है की उसे कॉलेज जाना पड़े। कल थोड़ा आत्मा चिंतन के मूड में था वो, पूछा उसने की, "भईया कॉलेज ना जाने से जीवन में क्या मिस होने वाला है?" प्लास्टिक कुर्सी पर बैठे, अखभार … Continue reading मेस का खाना

एक सच सुनोगे

सच कड़वा होता है ये कहावत तो हम सबने सुनी है। मोहल्ले के कुछ लोग, स्कूल के कुछ साथी व टीचर्स और कॉलेज में कुछ मित्रोजनो के द्वारा एक सच मुझे भी कड़वा लगता था , जब वो मुझे अति आत्मविश्वासी बुलाते थे। हमेशा नहीं पर कभी-कभी इस बात को सुनकर बुरा लग ही जाता … Continue reading एक सच सुनोगे

दास्तान-ऐ-पजामा

जैसा की मैं कई बार बता चुका हूँ की कॉलेज (आईआईटी रुड़की) में अपना भोकाल अप्पार था। घमंड की बात नहीं है, बस ये है की वो भोकाल भी मेहनत से बना था। लोगो से अच्छे रिश्ते बनाना, मदद लेना और करना और उनके साथ व्यवहार रखना, ये सब मुझे पसंद भी था और मैंने … Continue reading दास्तान-ऐ-पजामा

पोर्न एजुकेशन

2008 की बात है जब मोहल्ले में एक भैया के पास मोबाइल रहता था। शाम के क्रिकेट के बाद, जब सब लोग घर निकल जाते थे, तब मोबाइल वाले भैया के साथ 2-3 लोग ग्राउंड के एक कोने में 15-20 मिनट रुकते और फिर घर निकलते। ऐसे ही एक दिन मोबाइल वाले भैया ने मुझे … Continue reading पोर्न एजुकेशन

Thank you, MS

For the excellent service, you did as a player & a Captain for our nation. During your service, you built a culture that promoted cross-learning experiences over the senior-junior hierarchy. You pushed for fitness, being an essential element in the team's preparations. The way you managed the transition from the Ganguly's era to Virat's era … Continue reading Thank you, MS