KGF 2: MASTERPIECE

अगर आप मेरे व्हाट्सप्प कांटेक्ट में हो तोह आपको पता ही है की, मैं हर अच्छी movie का 3-4 पॉइंट्स में समीक्षा देता हूँ। वैसे ही कल मैंने KGF 2 के लिए लिखा था की ये movie नहीं है, ये एक MASTERPIECE है, तोह एक ब्लॉग इसके लिए जर्रूर बनता है। KGF 2 का पिछले … Continue reading KGF 2: MASTERPIECE

लाचार सच

सच वही है जो हम कहें।सच वही है जो हम सुनें।सच वही है जो हम देखें।सच की लाचारी समझो जनाब, वो है निर्भरइंसान की जबान,कानों व आँखों पर।

आ से ऊ

कल अपनी लॉन में टहलते-टहलते एक सवाल मन में आया की मेरी पीढ़ी के लोग अपने रिश्तों को चाचा, मामा, फूफा, दादा,और नाना से सम्बोधित करते हैं। पर मेरे भतीजे की पीढ़ी वाले बच्चें अपने रिश्तों के लिए चाचू, मामू, फुफू, दादू और नानू का प्रयोग करते हैं। तोह ऐसा हमारी पीढ़ी से उनकी पीढ़ी … Continue reading आ से ऊ

मेरी प्यारी बिंदु

इससे पहले की आप बिंदु की छवि किसी लड़की के रूप में सोचें, मैं स्पष्ट रूप से बताना चाहता हूँ, बिंदु एक छिपकली का नाम है। जी हाँ मैं समझ सकता हूँ, आप थोड़ा-सा आश्चर्य कर रहे होंगे की, छिपकली का नाम बिंदु कौन रखता है? 😅दरअसल बात ऐसी है कुछ 5-6 महीने पहले , … Continue reading मेरी प्यारी बिंदु

वो गाँव वाले तारें

वो गाँव वाले तारेंजिन्हें मैं घंटो निहारा करताजब खुले आसमान के नीचे गाँव में सोया करता | वो गाँव वाले तारेंमुझसे बयां करते कीदेख हम इतने सारे हैंहम सबका अस्तित्व हमारी खुद की चमक से हैंअगर हम टूटते भी है तोह किसी की चाहत पूरी करते हैंहम कुछ गुच्छों में रहते है और कुछ तोह … Continue reading वो गाँव वाले तारें

दिल्ली वाली

आज सुबह 11 बजे की ही बात है, मैं मार्केट से वापस आ रहा था घर का कुछ सामान लेकर। मैं अपने इलेक्ट्रिक (EV) स्कूटी पर था और नेहरू पार्क के चौराहे को क्रॉस करने ही वाला था की दूसरी तरफ से महिंद्रा की थार गाड़ी आ रही थी। मैंने अपनी EV स्कूटी रोक ली … Continue reading दिल्ली वाली