Pain

दर्द उस अप्रिय अनुभव का नाम है जो मनुष्य को इस संसार में शारीरिक दर्द और भावनात्मक दर्द के रूप में मिलता ही है। मनुष्य संसार में आता ही अपनी माता को दर्द देकर है और जाता भी अपने करीबियों को बिछड़ने का दर्द देकर है। बाकी जीवन काल में अनेको प्रकार के दर्द तोह … Continue reading Pain

लाचार सच

सच वही है जो हम कहें।सच वही है जो हम सुनें।सच वही है जो हम देखें।सच की लाचारी समझो जनाब, वो है निर्भरइंसान की जबान,कानों व आँखों पर।

आ से ऊ

कल अपनी लॉन में टहलते-टहलते एक सवाल मन में आया की मेरी पीढ़ी के लोग अपने रिश्तों को चाचा, मामा, फूफा, दादा,और नाना से सम्बोधित करते हैं। पर मेरे भतीजे की पीढ़ी वाले बच्चें अपने रिश्तों के लिए चाचू, मामू, फुफू, दादू और नानू का प्रयोग करते हैं। तोह ऐसा हमारी पीढ़ी से उनकी पीढ़ी … Continue reading आ से ऊ

वो गाँव वाले तारें

वो गाँव वाले तारेंजिन्हें मैं घंटो निहारा करताजब खुले आसमान के नीचे गाँव में सोया करता | वो गाँव वाले तारेंमुझसे बयां करते कीदेख हम इतने सारे हैंहम सबका अस्तित्व हमारी खुद की चमक से हैंअगर हम टूटते भी है तोह किसी की चाहत पूरी करते हैंहम कुछ गुच्छों में रहते है और कुछ तोह … Continue reading वो गाँव वाले तारें

दिल्ली वाली

आज सुबह 11 बजे की ही बात है, मैं मार्केट से वापस आ रहा था घर का कुछ सामान लेकर। मैं अपने इलेक्ट्रिक (EV) स्कूटी पर था और नेहरू पार्क के चौराहे को क्रॉस करने ही वाला था की दूसरी तरफ से महिंद्रा की थार गाड़ी आ रही थी। मैंने अपनी EV स्कूटी रोक ली … Continue reading दिल्ली वाली

खामोशी

किसी की खामोशी दर्द छुपाती है |किसी की खामोशी ख़ुशी दबाती है |किसी की खामोशी नाराज़गी जताती है |किसी की खामोशी गुस्सा पी जाती है |किसी की खामोशी में लफ्ज़ नहीं होते,फिर भी खामोशी बहुत कुछ कह जाती है |