दर्द उस अप्रिय अनुभव का नाम है जो मनुष्य को इस संसार में शारीरिक दर्द और भावनात्मक दर्द के रूप में मिलता ही है। मनुष्य संसार में आता ही अपनी माता को दर्द देकर है और जाता भी अपने करीबियों को बिछड़ने का दर्द देकर है। बाकी जीवन काल में अनेको प्रकार के दर्द तोह … Continue reading Pain
आज का विचार – 10/04/2022
हर दुःख का इलाज ज्ञान में है।
लाचार सच
सच वही है जो हम कहें।सच वही है जो हम सुनें।सच वही है जो हम देखें।सच की लाचारी समझो जनाब, वो है निर्भरइंसान की जबान,कानों व आँखों पर।
आ से ऊ
कल अपनी लॉन में टहलते-टहलते एक सवाल मन में आया की मेरी पीढ़ी के लोग अपने रिश्तों को चाचा, मामा, फूफा, दादा,और नाना से सम्बोधित करते हैं। पर मेरे भतीजे की पीढ़ी वाले बच्चें अपने रिश्तों के लिए चाचू, मामू, फुफू, दादू और नानू का प्रयोग करते हैं। तोह ऐसा हमारी पीढ़ी से उनकी पीढ़ी … Continue reading आ से ऊ
आज का विचार – 19/03/22
If you love yourself, you will take care of yourself, right?
वो गाँव वाले तारें
वो गाँव वाले तारेंजिन्हें मैं घंटो निहारा करताजब खुले आसमान के नीचे गाँव में सोया करता | वो गाँव वाले तारेंमुझसे बयां करते कीदेख हम इतने सारे हैंहम सबका अस्तित्व हमारी खुद की चमक से हैंअगर हम टूटते भी है तोह किसी की चाहत पूरी करते हैंहम कुछ गुच्छों में रहते है और कुछ तोह … Continue reading वो गाँव वाले तारें
दिल्ली वाली
आज सुबह 11 बजे की ही बात है, मैं मार्केट से वापस आ रहा था घर का कुछ सामान लेकर। मैं अपने इलेक्ट्रिक (EV) स्कूटी पर था और नेहरू पार्क के चौराहे को क्रॉस करने ही वाला था की दूसरी तरफ से महिंद्रा की थार गाड़ी आ रही थी। मैंने अपनी EV स्कूटी रोक ली … Continue reading दिल्ली वाली
बदल लो
21वी सदी मेंहम अपनी Caste या Complexion तोह नहीं बदल सकते है|पर जिन्हे इनसे दिक्कत है वो अपनी सोच बदल सकते है|
खामोशी
किसी की खामोशी दर्द छुपाती है |किसी की खामोशी ख़ुशी दबाती है |किसी की खामोशी नाराज़गी जताती है |किसी की खामोशी गुस्सा पी जाती है |किसी की खामोशी में लफ्ज़ नहीं होते,फिर भी खामोशी बहुत कुछ कह जाती है |
आज का विचार – 26/01/22
जो लोग खुद नहीं बदलते,वो इस संसार में कुछ नहीं बदल सकते |
